अपराधउत्तर प्रदेशगाज़ियाबादमहानगर

पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या, दोनों गिरफ्तार

-पति से तलाक लेकर प्रेमी के साथ रहना चाहती थी पत्नी
-पति ने तलाक देने से किया था इनकार, जिसके बाद रची हत्या की साजिश
-हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी भी की गई थी तय
-प्रेमी ने सुपारी देकर अपने दो साथियों को किया था साजिश में शामिल
-दो बार हत्या का प्रयास हुआ विफल, तीसरी बार में कर दी हत्या

सूर्या बुलेटिन

गाजियाबाद। लिंक रोड थाना क्षेत्र से लापता हुए युवक का शव मिलने के मामले में पुलिस ने युवक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। युवक की पत्नी ने ही प्रेमी और उसके दो सहयोगियों के साथ मिलकर पति की हत्या करके शव को जंगल में फेंका था। हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी भी तय की गई थी। पुलिस हत्याकांड में शामिल प्रेमी के दो साथियों की तलाश कर रही है।

एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि लिंक रोड थाने पर दो अक्तूबर को 34 वर्षीय योगेश मूल निवासी बिजनौर की गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी। योगेश का शव आठ अक्तूबर को पिलखुवा क्षेत्र में जंगल में बरामद हुआ था। जिसके बाद आठ अक्तूबर को योगेश के भाई बृजपाल सिंह ने योगेश की पत्नी और उसके प्रेमी आशीष पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बृजपाल ने पुलिस को बताया था कि आशीष को लेकर योगेश और पूजा में अक्सर विवाद होता था और पूजा योगेश को अंजाम भुगतने की धमकी देती थी। योगेश और पूजा लिंक रोड क्षेत्र के साहिबाबाद गांव में दो बच्चों के साथ किराए पर रह रहे थे। योगेश के शव को जानवरों ने नोंच लिया था और केवल कंकाल ही बचा था। उसकी पहचान कपड़ों और पास में मिली बाइक से हुई थी। मामले में जांच की गई तो पता चला कि योगेश और पूजा की शादी वर्ष 2013 में हुई थी और दोनों के दो बच्चे भी हैं। योगेश ने पत्नी पूजा को बिजनौर में अलग से मकान दिलवाया था और खुद साहिबाबाद क्षेत्र में नौकरी करने आ गया था। लगभग दो साल पहले ही योगेश पूजा और बच्चों को यहां लेकर आया था। पूजा का पिलखुवा निवासी आशीष के साथ लगभग दो साल पहले प्रेम संबंध हो गया था और वह पति को तलाक देकर आशीष के साथ रहना चाहती थी। लेकिन, योगेश ने पूजा को तलाक देने से साफ मना कर दिया था। जिसके चलते पूजा ने आशीष के साथ मिलकर योगेश की हत्या की साजिश रची और आशीष के दोस्त चंद्रपाल को एक लाख रुपये की सुपारी पर हत्या के लिए तय किया गया था। चंद्रपाल ने अपने साथ प्रवीण को भी मिला लिया। योजना के तहत 24 सितंबर की सुबह पूजा बिजनौर गई थी और रात में वापसी पर योगेश को पिलखुवा बुलाया था। रात में जब योगेश अपनी बाइक से पूजा को लेने पिलखुवा के सरस्वती कॉलेज के पास पहुंचा तो वहां उसके साथ आशीष भी था। चंद्रपाल और प्रवीण पास में ही छुपे हुए थे। आशीष को देखते ही योगेश आग बबूला हो गया और उससे लड़ने लगा। इस दौरान चंद्रपाल ने पीछे से आकर योगेश के गले पर पेपर कटर से वार कर दिया। जिसके बाद योगेश जान बचाने के लिए जंगल की ओर भागा। योगेश के पीछे पूजा, आशीष, चंद्रपाल और प्रवीण भी भागे और कुछ आगे जाकर उसे दबोच लिया। जिसके बाद आशीष, प्रवीण और पूजा ने योगेश को दबोचा और चंद्रपाल ने उसका गला काट दिया। तीनों ने शव को वहीं झाड़ियों में छुपा दिया। इसके बाद दोनों चारों वहां से फरार हो गए।


फोन के जरिए पूजा के संपर्क में आया था आशीष

पुलिस के अनुसार पूजा का सुखदेव नाम के व्यक्ति से संपर्क था। सुखदेव और आशीष कर्नाटक में एक टावर लगाने वाली कंपनी में काम करते थे। लगभग दो साल पहले सुखदेव और पूजा का किसी बात को लेकर ब्रेकअप हो गया था। इस पर सुखदेव ने आशीष को पूजा का नंबर देकर उससे सुलह करवाने के लिए कहा था। फोन बात करने के दौरान आशीष का पूजा से प्रेम संबंध बन गया और वह कर्नाटक से नौकरी छोड़कर वापस आ गया था। लगभग एक साल तक आशीष पूजा के साथ लिव इन में रहा। इस दौरान पूजा का ऑपरेशन हुआ और उसकी देखभाल आशीष को करनी पड़ी। जिस पर आशीष ने पूजा और उसके दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने से इनकार कर दिया। इस पर पूजा ने आशीष को दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दी। या फिर तीन लाख रुपए देने के लिए कहा था।


पति से तलाक लेने के लिए कर रही थी प्रयास

पुलिस को जांच में पता चला कि पूजा को अपने परिवार से कुछ जमीन मिली थी, जिसे बेचकर उसने रुपया बैंक में जमा करवा दिया था और जरूरत पड़ने पर उसमें कुछ रुपये निकालती रहती थी। जब योगेश को आशीष के साथ उसके संबंधों का पता चला तो उसने विरोध किया। इस पर पूजा ने योगेश से तलाक मांगा था, लेकिन योगेश ने बच्चों के चलते तलाक देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद पूजा ने वकील के जरिए योगेश से तलाक लेने के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे। इसके साथ ही उसने आशीष के साथ मिलकर योगेश की हत्या की योजना भी बनानी शुरू कर दी थी।


दो बार किया हत्या का प्रयास

एसीपी ने बताया कि पूजा के साथ दुष्कर्म का एक मुकदमा योगेश ने बिजनौर में दर्ज करवा रखा था। पूजा उस मामले को गाजियाबाद की अदालत में स्थानांतरित करवाना चाहती थी। इसके लिए साजिश के तहत 13 सितंबर को योगेश को बिजनौर बुलाया गया था और चंद्रपाल के साथी प्रवीण को उसका फोटो देकर हत्या करने के लिए कहा था, लेकिन प्रवीण को बिजनौर में योगेश नहीं मिला था। इसके बाद 15 सितंबर को साहिबाबाद स्थित आशीष के कमरे पर योगेश को चंद्रपाल ने यह कहकर बुलाया था कि पूजा का सामान कमरे पर रखा वह ले जाए। लेकिन योगेश सामान लेने नहीं गया था। कमरे पर योगेश की हत्या करने की योजना थी। हत्या के लिए योगेश और पूजा चंद्रपाल के साथ मिलकर पिछले दो महीनों से योजना बना रहे थे।


ड्रोन से की गई थी शव की तलाश

पिलखुवा क्षेत्र के जंगल में योगेश के शव को तलाश करने के लिए ड्रोन का प्रयोग किया गया था। योगेश की तलाश में जब पुलिस सरस्वती कॉलेज के पास पहुंची तो वहां आसपास घना जंगल था। जंगल इतना घना था कि सामान्य रूप से शव नहीं मिल सका था। जिसके चलते ड्रोन से शव की तलाश की गई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button