सुरक्षाकर्मी ने पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद तीसरी मंजिल से लगाई छलांग, मौत
पति-पत्नी में किस बात को लेकर विवाद हुआ, यह बना रहस्य
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के शक्ति खंड चार में एक निर्माणाधीन इमारत के सुरक्षाकर्मी ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और खुद भी निर्माणाधीन इमारत की तीसरी मंजिल से कूद गया। पति की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। पति-पत्नी में किस बात को लेकर विवाद हुआ था, यह रहस्य ही बना हुआ है। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जांच कर रही है। मूलरूप से मध्य प्रदेश के दामोह जिले के परसोरिया गांव में रहने वाला सुनील रजक (25) शक्ति खंड चार की एक निर्माणाधीन इमारत में बतौर सुरक्षाकर्मी तैनात था। इमारत की पहली मंजिल पर वह अपनी पत्नी रानू (23) के साथ रहता था। गुरुवार सुबह सुनील और रानू के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। जिसके बाद सुनील ने रानू की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके कुछ देर बाद सुनील ने इमारत की छत पर चढ़ कर छलांग लगा दी। सुनील पड़ोस में बने घर के रैंप पर आकर गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार सुबह 10 बजे आसपास के लोगों ने डायल-112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर सुनील को अस्पताल पहुंचाया। घायल हालत में सुनील ने यह तो बताया कि उसने पत्नी रानू की गला दबाकर हत्या कर दी है, लेकिन यह नहीं बताया कि विवाद किस बात को लेकर हुआ था। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में सुनील की इलाज के दौरान कुछ घंटे बाद मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। दोनों के परिवार को पुलिस ने सूचना भेज दी है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि परिजनों की ओर से फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस विवाद का कारण तलाश रही है।
–सदमे में परिवार, विवाद का पता नहीं
दिल्ली में रहने वाले रानू के भाई गोविंद ने बताया कि उनकी बहन की शादी लगभग डेढ़ साल पहले हुई थी। रानू अपने पति सुनील के साथ लगभग नौ महीने रही और राखी से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जिसके चलते वह गांव आ गई थी। लगभग सप्ताह पहले ही सुनील के पिता उसे लेने पहुंचे थे। जुबानी माफीनामे के बाद माता-पिता ने बहन को ससुराल भेज दिया था। उनके बीच किस बात को लेकर विवाद था, इसका किसी को पता नहीं है। गोविंद ने बताया कि दहेज जैसी भी कोई बात नहीं है। उधर, सुनील के जीजा रामलाल का कहना है कि दोनों के बीच कभी कोई विवाद नहीं हुआ था। दोनों शादी से बहुत खुश थे। दोनों के परिवार को भी उनके बीच किसी विवाद के बारे में कुछ नहीं पता। रात में दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ, इस बारे में भी किसी को कुछ नहीं पता। रामलाल नीति खंड एक में रहते हैं, उनके साथ ही विजय के माता-पिता भी रहते हैं। रामलाल के अनुसार गुरुवार सुबह नौ बजे उन्हें हादसे का पता चला। जब तक वह प्लाट पर पहुंचे, तब तक पुलिस सुनील को इलाज के लिए ले गई थी।
–मैंने रानू को मार दिया
सुनील शक्ति खंड चार के प्लाट संख्या 355 पर बन रही इमारत में बतौर चौकीदार तैनात था। इमारत की दो मंजिल बन चुकी है और फिलहाल बाकी निर्माण कार्य चल रहा है। इमारत में पहली मंजिल पर पति-पत्नी रहते थे। सुनील चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। सुनील का छोटा भाई प्रमोद गांव में ही रहकर खेती बाड़ी का काम देखता है, जबकि दोनों बहनें विवाहित हैं। रानू पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। छोटी होने के कारण परिवार में सभी की लाडली थी। पुलिस के अनुसार छत से कूदने के बाद सुनील गंभीर रूप से घायल हालत में था, लेकिन बेहोश नहीं हुआ था। सुनील के अस्पताल ले जाने के दौरान उसके पिता और कुछ रिश्तेदार भी साथ थे। सभी सुनील से पूछ रहे थे कि क्या विवाद हुआ था, लेकिन सुनील केवल यह बोल रहा था कि मैंने रानू को मार डाला। उसने विवाद के बारे में कुछ नहीं बताया।



