उत्तर प्रदेशगाज़ियाबादमहानगर

संजय कॉलोनी में दो मंजिला मकान की छत गिरी, दूसरी मंजिल पर रहने वाला परिवार घायल

नीचे का फ्लैट था खाली, फ्लैट की छत हो चुकी थी जर्जर, दूसरी मंजिल पर बने फ्लैट का था फर्श
कई बार फ्लैट मालिक से छत की मरम्मत के लिए कहा गया था
सूर्या बुलेटिन

गाजियाबाद। साहिबाबाद थाना क्षेत्र के अर्थला स्थित संजय कॉलोनी में जीडीए के दो मंजिला मकान में ग्राउंड फ्लोर पर बने फ्लैट की छत भरभरा कर गिर गई। जिससे पहली मंजिल पर बने फ्लैट में रहने वाले लोग नीचे आ गिरे। हादसा रात में लगभग साढ़े 12 बजे हुआ। परिवार के पांच लोग घायल हुए हैं, सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गनीमत रही कि नीचे वाला फ्लैट खाली था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। मामले में फिलहाल किसी की ओर से थाने पर शिकायत नहीं की गई है।
अर्थला की संजय कॉलोनी में जीडीए के दो मंजिला मकान में जाहिद (55) अपने परिवार के साथ रहते हैं। जाहिद गैस चूल्हा और सिलाई मशीन की मरम्मत का काम करते हैं। जाहिद के अनुसार उन्होंने संजय कॉलोनी में पहली मंजिल पर बना फ्लैट संख्या 326 लगभग दो साल पहले खरीदा था। ग्राउंड फ्लोर पर बना फ्लैट जुबैर का है, लेकिन वह परिवार समेत दूसरे फ्लैट में रहता है। जुबैर का फ्लैट खाली है। जाहिद के अनुसार वह फ्लैट में पत्नी-बच्चों और सास के साथ रहते हैं। जाहिद ने बताया कि मंगलवार रात वह फ्लैट के हॉल में बेटे जाबिर (22) के साथ सो रहे थे। देर रात लगभग साढ़े 12 बजे अचानक नीचे वाले फ्लैट की छत (जाहिद के फ्लैट का फर्श) भर भराकर ढह गया, जिससे वह और उनका बेटा मलबे के साथ नीचे जा गिरे। गिरने की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सो रहीं उनकी पत्नी शहनाज (40), बेटी नजराना (20) और सास अलीमन (80) बाहर निकली लेकिन अंधेरा होने की वजह से वह भी भूतल पर जा गिरीं। घायलों के ऊपर बचा हुआ मलबा भी गिर पड़ा। हादसे में पांचो बुरी तरह घायल हो गए। शोर सुनकर आस पड़ोस के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को तुरंत इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में सभी घायलों का इलाज चल रहा है। जाहिद की सास अलमीन की हालत गंभीर बनी हुई है।
–ग्राउंड फ्लोर पर बने फ्लैट की छत थी जर्जर
जाहिद ने बताया कि नीचे वाले फ्लैट की छत और उनके फ्लैट का फर्श जर्जर था। वह कई बार जुबैर से छत की मरम्म के लिए कह चुके थे। लेकिन वह बार-बार टाल देता था। नीचे वाले फ्लैट की छत का प्लास्टर कई जगह से टूट कर गिर चुका था और पूरी छत में दरारें आ रही थीं। उन्हें डर था कि छत कभी भी गिर सकती है। जाहिद ने बताया कि उन्होंने जुबैर से साझेदारी में छत सही करवाने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं माना। बरसात शुरु होने पर भी उन्होंने जुबैर को कई बार टोका था। जाहिद का कहना है कि जुबैर टालमटोल नहीं करता तो हादसा होने से बच सकता था। जाहिद के अनुसार वह जुबैर के खिलाफ थाने में शिकायत करेंगे।
–वर्जन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थीं। घायलों को बिना देरी के अस्पताल में भर्ती कराया दिया गया था। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर है लेकिन चोटें गंभीर हैं। मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
–श्वेता यादव, एसीपी, साहिबाबाद

–संजय कॉलोनी में फ्लैटों की हालत खस्ता
संजय कॉलोनी में बने जीडीए के फ्लैटों की हालत बेहद खस्ता है। कॉलोनी के अधिकांश फ्लैट बेहद जर्जर हालत में हैं और बहुत से तो खाली पड़े हैं। क़लोनी में सड़कों की हालत भी सही नहीं है। कॉलोनी वासियों ने कई बार जीडीए से कॉलोनी में सड़कों और पानी की निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिकायत की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जीडीए की ओर से लगभग 30 साल पहले संजय कॉलोनी का निर्माण किया था। शुरुआत में कॉलोनी में फ्लैट नहीं बिके तो जीडीए ने कॉलोनी के रखरखाव पर भी कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण फ्लैटों की हालत लगातार खराब होती गई। फिलहाल हालत यह है कि कॉलोनी के अधिकांश फ्लैट गिरने की हालत में हैं।

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