
नोटरी मैरिज के जरिए लगभग डेढ़ साल तक बुजुर्ग महिला के साथ रहा शातिर
महिला की एफडी तुड़वाकर बैंक खातों में ट्रांसफर किए 3 करोड़ रुपए, 50 लाख की जूलरी भी हड़प ली
शादी और एफडी के कागजात मांगने पर फरार हुआ शातिर
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। कौशांबी क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला के साथ तीन करोड़ रुपए की ठगी होने का मामला सामने आया है। बुजुर्ग महिला मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमएमटीएस) हैदराबाद की पूर्व प्रबंधक हैं और उनके साथ एक शातिर ने पूर्व सैन्यकर्मी बनकर डेढ़ साल में ठगी की वारदात को अंजाम दिया। शातिर भी बुजुर्ग है और उसने महिला को आभास दिलवाया कि उनकी देखभाल और ख्याल उससे ज्यादा कोई नहीं रख सकता। शातिर ने झांसा देकर बुजुर्ग महिला से नोटराइज्ड मैरिज भी की। इसके बाद ज्वाइंट बैंक खाता खुलवा कर उनकी जमा पूंजी उसमें जमा करवाई और फिर धीरे-धीरे बैंक खाते से 3 करोड़ रुपए की निकासी कर ली। इसके अलावा लगभग 50 लाख की जूलरी भी हड़प ली। इसके बाद शातिर फरार हो गया। महिला ने मामले में शातिर और उसकी बेटी व दामाद पर ठगी का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
कौशांबी क्षेत्र सतपुडा़ अपार्टमेंट में रहने वाली सुजाता के अनुसार वह एमएमटीएस हैदराबाद में कार्यरत थीं। वहीं से वीआरएस लेने के बाद वह कुछ समय सहारनपुर में रहीं और फिर कौशांबी में शिफ्ट हो गईं। उनकी मुलाकात लगभग दो साल पहले मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हरीश कुमार से हुई थी। हरीश कुमार (68) ने खुद को आर्मी की एमईएस यूनिट से रिटायर्ड बताया था। बातचीत बढ़ी तो हरीश ने उनके घर आना जाना शुरु कर दिया। कुछ ही दिनों में हरीश ने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। हरीश ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उसके अलावा उनका ध्यान कोई और रख नहीं सकता। उसके झांसे में आकर बुजुर्ग महिला ने शादी के प्रस्ताव पर सहमती जताई और विवाह कर लिया। आरोप है कि यह विवाह फर्जी था, जिसे रजिस्टर करवाने के लिए कहने पर हरीश ने कहा कि उसने शादी की नोटरी करवा ली है। लेकिन, उन्हें कभी मैरिज के दस्तावेज नहीं दिए। शादी के बाद लगभग डेढ़ साल तक हरीश उनके साथ रहे। इस दौरान उन्होंने दोनों का एक जॉइंट बैंक अकाउंट खुलवाया। आरोप है कि हरीश ने उनके सहारनपुर बैंक में की गई 3.50 करोड़ रुपए की एफडी तुड़वाकर कैश जॉइंट बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया और फिर वह कैश नए खाते खुलवा कर अपनी बेटी जानवी और दामाद सक्षम के खातों में ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा हरीश ने उनकी सारी जूलरी भी लेकर अपनी बेटी को दे दी। आरोप है कि हरीश ने उनसे कुछ चेक पर साइन भी करवाए और कुछ पर उनके फर्जी साइन किए। जिनके जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। हरीश ने उनका फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था। उन्हें भरोसा दिलवाया गया था कि हरीश ने जो एफडी तोड़ी थी उसे वापस जमा करवा दिया है। बार-बार शादी का सर्टिफिकेट और एफडी के कागजात मांगने पर हरीश ने उन्हें नहीं दिए। बुजुर्ग महिला के अनुसार कुछ समय बाद हरीश ने क्षेत्र में ही अलग फ्लैट रहने के लिए लिया था, लेकिन अब वहां से भी जा चुका है। उनके बार-बार कहने पर हरीश ने उनके कुछ कैश और जूलरी वापस की, लेकिन अभी भी 3 करोड़ रुपए और लगभग 50 लाख रुपए की जूलरी उसके पास है, जो हरीश वापस नहीं की और फरार हो गया।
ख्याल रखकर जताया भरोसा, पति की तरह दिया प्यार
महिला ने बताया कि आरोपी ने खुद को पूर्व सैन्यकर्मी बता कर उन पर भरोसा स्थापित किया। ऐसा जताया जैसे मानों दुनिया में उनसे ज्यादा ख्याल वह किसी का नहीं रखेगा। बातचीत में पता चला कि आरोपी हरीश कुमार की पहली पत्नी की भी मौत हो चुकी है। वहीं महिला के पहले पति का भी कुछ साल पहले देहांत हो गया था। इसके बाद से दोनों अकेले रह रहे थे। आरोप है कि तीन करोड़ रुपये कब और कैसे आरोपी ने बेटी-दामाद को दिए इसका उन्हें कई महीनों तक पता नहीं चलने दिया गया।
डीसीपी से की शिकायत मुकदमा नहीं हुआ दर्ज
बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उन्होंने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत 11 मार्च को डीसीपी टीएचए से भी की थी, लेकिन पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही कोई कार्रवाई की। जिसके बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत की। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर कौशांबी थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरु कर दी है।
मुझे सिर्फ मेरी मेहनत की कमाई चाहिए
पुलिस से गुहार लगाते हुए महिला ने बताया कि उन्होंने नौकरी करके अपनी मेहनत की कमाई जोड़ी थी और उसे फिक्स डिपॉजिट कराया था। उन्होंने कहा कि पुलिस से बस यह चाहती हैं कि आरोपी को पकड़कर बस उन्हें उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए। बाकी उन्हें कुछ नहीं चाहिए। बताया कि वह बीमार चल रही हैं, और इस धोखाधड़ी के बाद से वह मानसिक तौर पर भी परेशान हैं।
पुलिस ने क्या कहा
महिला की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही महिला के बैंक खातों से निकाली गई रकम किन-किन खातों में स्थानांतरित हुई इसके दस्तावेज देखे जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
–अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम