बिल्डर से मांगी दो करोड़ रुपए की रंगदारी, फायर करवाने का भी आरोप

2013 में बिल्डर के प्रोजेक्ट में किया था इन्वेस्टमेंट, 2016 में बिल्डर लाभ सहित रकम लौटाई
अब की जा रही 2 करोड़ रुपए की मांग, परिवार समेत जान से मारने की धमकी
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम क्षेत्र में एक बिल्डर से 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। आऱोप है कि रंगदारी नहीं देने पर बिल्डर पर साइलेंसर लगी पिस्टल से फायर भी किए, जिसमें बिल्डर बाल-बाल बचे। बिल्डर ने मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जिसके बाद पीड़ित ने अदालत की शरण ली। अदालत के आदेश पर मधुबन बापूधाम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरु कर दी है।
वाईपीएस बिल्डटेक के निदेशक वाईपी सिंह की ओर से एक दंपति और दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। वाईपी सिंह के अनुसार वर्ष 2013 में संतोष वर्मा और उनकी पत्नी नरेंद्र वर्मा से उनकी मुलाकात हुई थी। दंपति ने उनके प्रोजेक्ट में इंवेस्टमेंट करने की इच्छा जताई। जिसक बाद 2014 में दंपति ने चेक के जरिए उन्हें लगभग 26 लाख रुपए दिए। उन्होंने 2016 में चेक के जरिए मूल रकम और लाभ के लगभग 15 लाख रुपए वापस किए, लेकिन संतोष वर्मा ने सरकारी नौकरी होने का हवाला देते हुए चेक से भुगतान लेने से इनकार कर दिया। जिसके बाद उन्होंने 2016 में उनकी नकद के रूप में उनकी पूरी धनराशी स्टांप पेपर के एग्रीमेंट के साथ लौटा दी और दिए गए सभी चेक कैंसिल कर दिए। इसके तीन साल बाद संतोष वर्मा ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और उनसे दो करोड़ रुपए की मांग की। आरोप है कि संतोष वर्मा ने कई और लोगों से भी उन्हें धमकी दिलवाई। आरोप है कि संतोष वर्मा 2 करोड़ रुपए नहीं देने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके अलावा उन्हें फर्जी तौर पर नोटिस भी भिजवाए जा रहे हैं।
–जानलेवा हमला करवाने का भी आरोप
वाईपी सिंह के अनुसार अक्टूबर 2024 में वह किसी काम से मधुबन बापूधाम क्षेत्र में जा रहे थे। सदर पुर के पास बाइक सवार दो युवकों ने उनकी कार रुकवा ली। दोनों उन्हें बताया कि संतोष और नरेंद्र ने उनके पास भेजा है। दोनों युवकों ने उन्हें धमकाया और संतोष को दो करोड़ रुपए देने के लिए कहा। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी औऱ फोन पर संतोष से बात भी करवाई। वीपी सिंह ने रुपए से इनकार किया तो संतोष ने फोन पर दोनों युवकों को उन्हें मारने के निर्देश दिए। संतोष की ओर से निर्देश मिलने के बाद दोनों युवकों ने साइलेंस लगी हुई पिस्टल निकाल लीं और उन पर फायर किए। वह बाल-बाल बचे। इस दौरान चीख पुकार मचने पर मौके पर भीड़ जमा होने लगी तो दोनों युवक उन्हें परिवार समेत जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
–पुलिस ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट
वाईपी सिंह के अनुसार उन्होंने इस घटना के संबंध में मुधबन बापूधाम थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। उनकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। जिसके बाद वाईपी सिंह ने अदालत की शरण ली। अदालत के आदेश पर मधुबन बापूधाम थाना पुलिस ने 3 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरु कर दी है।
–वर्जन
अदालत के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरु कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों के बीच रुपयों के लेनदेन का विवाद है।
-स्वतंत्र कुमार सिंह, एसीपी, कविनगर