उत्तर प्रेदश के हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़, सेकड़ो लोगों की मौत

हाथरस में सत्संग में भगदड़ से 120 से ज्यादा मौत
मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा
भोले बाबा का सत्संग खत्म होने के बाद मची भगदड़
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के फुलरई गांव में चल रहे भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मचने से 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की सख्या ज्यादा है। सत्संग खत्म होने के बाद जब भीड़ बाहर निकल रही थी, तब वह हादसा हुआ। सत्संग के बाद भोले बाबा अपने काफिले के साथ जा रहे थे, उस समय भीड़ को बाहर निकलने से रोक दिया था और काफिले के गुजरने के बाद भीड़ को एकदम से छोड़ दिया गया। हादसे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। घटना स्थल पर प्रदेश के दो मंत्रियों को भेजा गया है। सीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है।
जानकारी के अनुसार हाथरस जनपद क़े सिकंदराराऊ थानाक्षेत्र के फुलरई गांव में चल रहे भोले बाबा क़े सत्संग में भगदड़ मच गई। इस दौरान अनेकों श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों की डेड बॉडी एटा मेडीकल कॉलेज पहुंचाई गई है। हाथरस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि ये भोले बाबा के सत्संग में हाथरस जनपद क़े सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के फुलरई गाब में हादसा हुआ। एटा के एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि हाथरस जिले के मुगलगढ़ी गांव में एक धार्मिक आयोजन चल रहा था, तभी भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार सत्संग समापन के बाद भगदड़ से हादसा हुआ। इस हादसे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया। मुख्यमंत्री नेहाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
–महीने के पहले मंगल को होता है सत्संग
जानकारी सामने आई है कि महीने की शुरुआत के पहले मंगलवार को सत्संग होता है। इस सत्संग में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों के लोग आए थे। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहनों की संख्या तीन किलोमीटर तक फैली हुई थी। बताया जा रहा है कि इस हादसे में 200 से अधिक लोग घायल हैं। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इस बीच जो लोग इस सत्संग में शामिल होने गए थे और भगदड़ का शिकार हुए हैं उन्होंने बताया कि मौके पर कैसे मंजर था। एक युवती ने बताया कि सत्संग में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। सत्संग समाप्त हुआ उसके बाद लोग वहां से जाने लगे। इसी दौरान निकलने की जल्दी में भगदड़ मच गई। लोग एक दूसरे को देख ही नहीं रहे थे। महिलाएं और बच्चे गिरते चले गए। भीड़ उनके ऊपर से दौड़ रही थी। कोई बचाने वाला नहीं था। चारों ओर चीख पुकार मची हुई थी।
जिलाधिकारी आशीष कुमार पटेल की माने तो ने हाथरस में लगभग 60 शव लाए गए हैं. और एटा सीएमओ ने बताया कीअब तक एटा में 27 शव पहुंच चुके हैं. वहीं एसएसपी एटा राजेश कुमार ने बताया कि एटा पहुंचे 27 शवों में 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष शामिल है. अभी तक कुल 87 लोगों की मौत हो गई है और करीब 150 लोग घायल हैं.जानकारी के मुताबिक, घायलों को बस-टैंपों में लादकर जिला अस्पताल ले जाया गया. डीएम और एसपी मौके पर पहुंच गए है. साथ ही मौके पर कई थानों की फोर्स भी बुलाई गई है.