ट्रांसफर-पोस्टिंग की बरसात बीती, नवनिर्मित अस्पताल में पड़ा रहा सूखा

डूंडाहेड़ा के 50 बेड वाले अस्पताल को जून में भी नहीं मिला स्टाफ
जनवरी में अस्पताल शुरु किए जाने के हुए थे दावे
स्टाफ के अलावा उपकरण भी नहीं मिल सके पूरे
10 लाख लोगों की टूटने लगी है आस
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। जून बीत गया है और जुलाई शुरु हो गया है। जून को ट्रांसफर-पोस्टिंग का महीना माना जाता है। इस महीने में सरकारी स्तर पर सभी विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग का दौर चलता है। लेकिन, विजय नगर के डूंडा हेड़ा में बना 50 बेड का कंबाइंड अस्पताल ट्रांसफर-पोस्टिंग की इस बरसात में भी सूखा रहा। जिससे विजयनगर में रहने वाले लोगों की अस्पताल को लेकर आशा टूटती जा रही है। डूंडा हेड़ा में 50 बेड का कंबाइंड अस्पताल बनकर तैयार तो हो गया है, लेकिन अभी तक न तो वहां उपकरण पहुंचे हैं और न ही स्टाफ। अस्पताल के लिए अभी तक स्टाफ की भी नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिसके कारण विजय नगर के लाखों लोगों को कई किलोमीटर दूर स्थित एमएमजी और महिला अस्पताल पर ही निर्भर होना पड़ रहा है।
विजयनगर क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी अस्पताल खोले जाने की मांग हो रही थी। लंबी जद्दो जहद के बाद नगर निगम की ओर से डूंडाहेड़ा में अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध करवाई गई। अब 50 बेड के कंबाइंड अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अस्पताल संचालित होने की स्थिति में है। शासन स्तर से अस्पताल में 14 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की पोस्ट बना दी गई हैं, लेकिन फिलहाल कोई नियुक्ति नहीं हो सकी है। डॉक्टरों में 4 इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) भी शामिल हैं। अस्पताल की इमरजेंसी में 10 बेड की व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शासन से जरूरी उपकरणों की मांग की गई है। इनमें स्त्री रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, नाक-कान-गला रोग विभाग, ऑपरेशन थिएटर, सर्जरी और ओपीडी के लिए जरूरी उपकरणों को उपलब्ध करवाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। अस्पताल को कुछ उपकरण मिले हैं, लेकिन स्टाफ के अभाव में वह उपकरण भी बेकार ही हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि उपकरणों के लिए डिमांड भेजी गई थी, कुछ उपकरण मिल चुके हैं और कुछ आने वाले हैं। इसके साथ ही शासन को अस्पताल में स्टाफ की नियुक्ति के लिए भी रिमाइंडर भेजा गया है। सभी उपकरण आने और स्टाफ की नियुक्ति के बाद ही अस्पताल को संचालित किया जा सकेगा।
–जनवरी में होना था लोकार्पण
डूंडा हेड़ा अस्पताल का निर्माण कार्य बीते साल नवंबर में पूरा हो गया था। बताया गया था कि जल्द ही अस्पताल में स्टाफ की नियुक्ति होने के साथ उपकरण भी मिल जाएंगे। आशा जताई गई थी जनवरी में अस्पताल का लोकार्पण कर दिया जाएगा, लेकिन अब जुलाई माह भी शुरु हो गया है और स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बताते हैं कि मार्च में आचार संहिता लगने के कारण अस्पताल का कार्य रुक गया था, लेकिन अब आचार संहिता खत्म होने के बाद भी शासन स्तर से अस्पताल में स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी है। जून का महीना ट्रांसफर-पोस्टिंग वाला होता है और जून में भी डूंडा हेड़़ा के अस्पताल में कोई पोस्टिंग नहीं की गई। इससे विजय नगर के निवासियों की आस टूटने लगी है।
–10 लाख लोगों को होगा लाभ
विजयनगर क्षेत्र में लंबे समय से अस्पताल खोले जाने की मांग हो रही थी। विजयनगर क्षेत्र से एमएमजी और कंबाइंड अस्पताल पहुंचने के लिए मरीजों को कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है और कई बार गंभीर मरीज रास्ते के जाम में भी फंस जाते थे। विजयनगर से प्रसव के लिए गर्भवती महिला को लेकर आने वाली एंबुलेंस कई बार गौशाला अंडर ब्रिज के जाम में फंस जाती है। जिसके कारण कई बार एंबुलेंस में ही प्रसव करना पड़ता है। विजयनगर में अस्पताल शुरु होने से लाइन पार क्षेत्र की लगभग 10 लाख की आबादी को खासा लाभ मिलेगा।