ट्विन टॉवर धवस्त अब दोशी अधिकारी को सजा कब
नोएडा। उत्तर प्रदेश की औद्यौगिक राजधानी कहे जाने वाले नोएडा शहर(Noida city ) में 28 अगस्त को एक और काला अध्याय इतिहास के पन्नों में शुमार हो गया। 28 अगस्त को भ्रष्टाचार का एक ऐसा रावण ध्वस्त हुआ, जिसकी काली करतूतें सत्ता के रखवालों की रग-रग में समायी हुई हैं। भ्रष्टाचार (Corruption) के इस दानव को समझने के लिए आपको थोड़ा पीछे ले चलते हैं। बात साल, 2006 की है। तब नोएडा प्राधिकरण के सीईओ थे सरदार मोहिन्दर सिंह। यह वही आईएएस अफसर हैं, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का ऐसा आशीर्वाद प्राप्त था कि पूरा उत्तर प्रदेश नोएडा से ही हांका जाता था।
भ्रष्टाचार की इस गगनचुंबी इमारतों के ध्वस्त होने के बाद रविवार की देर रात यूपी की योगी सरकार ने सुपरटेक ट्विन टावर के भ्रष्टाचार में शामिल नोएडा प्राधिकरण के 26 अधिकारियों की सूची जारी की है। इनमें से 06 अफसर मौजूदा समय में कार्यरत हैं। एक की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 19 अधिकारी रिटायर हो चुके हैं। इस सूची में भी सबसे पहला नाम नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सरदार मोहिन्दर सिंह का है। भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों में दो महिलाओं के भी नाम शामिल हैं।