चाचा से उधार लिए रुपये वापस न करने पड़े, इसलिए कर दी चचेरे भाई की हत्या
चाचा की संपत्ति का वारिस भी बनना चाहता था आरोपी
चाचा से 3 लाख रुपये लेकर बिटकॉइन में किये थे निवेश
चाचा के रुपए वापस मांगने पर रची हत्या की साजिश
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। खोड़ा थाना क्षेत्र में चाचा से उधार लिए 3 लाख रुपए वापस नहीं करने पड़े और चाचा का वारिस बनने की चाहत में एक युवक ने अपने 12 वर्षीय चचेरे भाई की हत्या कर दी। युवक चचेरे भाई को दिल्ली के मॉल में फिल्म दिखाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया और लक्ष्मी नगर के पार्क में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पहचान न हो सके, इसके लिए ईंट से चेहरा भी कुचलने का प्रयास किया। इसके बाद परिवार के साथ मिलकर चचेरे भाई को तलाशने का नाटक भी करता रहा। पुलिस ने हत्या करने वाले भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
खोड़ा क्षेत्र की शिव पार्क कॉलोनी में में रहने वाले मनवीर प्रजापति का 12 वर्षीय बेटा लक्ष्य सातवीं कक्षा में पढ़ता था। 16 सितंबर को वह लापता हो गया था। रात तक भी जब वह घर नहीं आय़ा तो मां बबीता ने थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करके लक्ष्य की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने लक्ष्य के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। एक फुटेज में लक्ष्य पैदल जाता हुआ दिखाई दिया। फुटेज खंगालने पर यह पता चला कि लक्ष्य के निकलने से पहले हर सीसीटीवी के सामने से एक बाइक गुजरी है। जिसके बाद पुलिस ने उस रूट के 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। अंतिम फुटेज दिल्ली के लक्ष्मी नगर के पार्क की थी। जिसमें लक्ष्य पार्क में जाता हुआ नजर आया, लेकिन वापस केवल बाइक सवार युवक ही वापस आया। इसके बाद खोड़ा पुलिस ने दिल्ली के प्रीत विहार थाने से संपर्क किया। प्रीत विहार थाना पुलिस ने पार्क में बच्चे का शव मिलने की पुष्टि की। पहचान होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मामले में बाइक सवार युवक की पहचान की तो वह मनवीर के भाई का बेटा युवराज उर्फ यश प्रजापति था। पुलिस ने यश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया।
–इसलिए की हत्या
सीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि यश ने पूछताछ में बताया कि वह 12वीं पास है और केबिन क्रूज का डिप्लोमा किया है। उसने चाचा मनवीर के प्रगति विहार स्थित प्लाट का सौदा 25 लाख रुपए में करवाया था, जिसमें 3 लाख रुपये अग्रिम भुगतान के तौर पर मिले थे। उसने चाचा से वह रुपये लेकर बिटकॉइन में निवेश कर दिए। कुछ दिनों बाद ही चाचा उस पर रुपए वापस करने का दबाव बनाने लगे। चाचा को 50 हजार रुपये की तुरंत जरूरत थी, वह केवल 50 हजार रुपये तुरंत मांग रहे थे। उसके पास रुपये नहीं थे। इसलिए उसने चचेरे भाई की हत्या की योजना बनाई। पूछताछ में यश ने बताया कि चाचा के दो ही बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। यदि बेटे की हत्या कर दी जाए तो वह चाचा की संपत्ति का वारिस बना जाएगा। बेटे की हत्या के चलते चाचा उसे उधार दिए रुपये भी नहीं मांगेगे।
–ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में यश ने पुलिस को बताया कि उसने दोस्त के जरिए लक्ष्मी नगर के वी3एस मॉल में 16 सितंबर रात की तीन टिकटें बुक करवाई थीं। चाचा के बेटे लक्ष्य को उसने टिकट दिखाई और उसके लिए भी खुद एक टिकट बुक की। यश ने लक्ष्मी नगर स्थित पार्क के बारे में पहले ही जानकारी जुटा ली थी। वह लक्ष्य को अपने साथ बाइक पर लेकर गया और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए कैमरों के पास आते ही लक्ष्य को बाइक से उतार कर पैदल आगे जाने के लिए कहता था। इस तरह वह सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में लक्ष्य के साथ आने से बचने के लिए लक्ष्मी नगर तक प्रत्येक सीसीटीवी कैमरे के सामने करता रहा। जब लक्ष्मी नगर पहुंचा तो चाचा का फोन आ गया और उन्होंने रुपयों के लिए उसे धमका दिया। जिसके बाद उसने राजधानी एन्क्लेव के पीछे खाली पार्क में लक्ष्य की गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान छुपाने के लिए चेहरे को ईट से कुचल दिया। इसके बाद वह फिल्म देखने गया। जब रात में वापस आया तो उसे पता चला कि चाची ने लक्ष्य के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। फिर वह उनके साथ लक्ष्य को तलाश करने का नाटक करने लगा।
–वर्जन
युवराज को चचेरे भाई की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी निशानदेही पर खून से सनी ईंट भी बरामद की गई है। पुलिस जरूरी कार्रवाई कर रही है।
–अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी, इंदिरापुरम



