आईजीआरएस रैंकिंग में कमिश्नरेट के 15 थाने पहले स्थान पर

-फीड बैक सेल में नकारात्मक शिकायतों में आई भारी गिरावट
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली और वादी संवाद नीति के चलते गाजियाबाद के 15 थाने आईजीआरएस रैकिंग में प्रथम स्थान पर पहुंचे हैं। इतना ही नहीं फीड बैक सेल में भी नकारात्मक शिकायतों में पहले की अपेक्षा भारी गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही शिकायत लेकर पुलिस कार्यालय जाने वालों की संख्या में भी कमी आई है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन निमिष पाटील ने बताया कि साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली के अलावा वादी संवाद दिवस और फीड बैक सेल, आईजीआरएस प्रणाली और जनशिकायत सेल ने व्यवस्थाओं में सुधार लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इन सभी व्यवस्थाओं के संयुक्त रूप से क्रियान्वयन से जनसुनवाई, पीड़ित संवाद, त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी विवेचना में सुधार हुआ है। जिसके बाद कमिश्नरेट गाजियाबाद में सामान्य अपराधों और महिला संबंधी अपराधों में प्रभावी गिरावट दर्ज की गई है। यह तीनों नीतियां पुलिस जन सहयोग को मजबूत करने, समयबद्ध न्याय की दिशा में कार्य करने, कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं।
-पुलिस के खिलाफ मिली 36 शिकायत
पुलिस विभाग की तरफ से जारी किये गए फीड बैक सैल के आंकडों के अनुसार जून से 15 नवंबर तक कुल 56 हजार 206 कॉल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली जानने के लिए की गई। इस दौरान आमजन की तरफ से पुलिस के खिलाफ 36 शिकायतें भी मिली। पुलिस के खिलाफ मिली शिकायतों जून में 11, जुलाई में 8, अगस्त में 7, सितंबर में 5, अक्तूबर में 4 और 15 नवंबर तक महज 1 ही शिकायत मिली।
-15 थाने आए पहले स्थान पर
आईजीआरएस रैंकिंग में जून माह में महज 2 ही थानों ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद पुलिस विभाग की तरफ से की गई सुधारात्मक कार्रवाई के परिणामस्वरूप जुलाई माह में 3 अगस्त माह में 4, सितंबर माह में 9 व अक्तूबर माह में यह आंकड़ा 15 तक जा पहुंचा।
-ये हैं प्रथम आने वाले थाने
अंकुर विहार, कविनगर, क्रासिंग रिपब्लिक, खोडा, टीला मोड, ट्रोनिका सिटी, निवाडी, भोजपुर, मधुबन-बापूधाम, महिला थाना, मुरादनगर, मोदीनगर, लिंकरोड, लोनी व साहिबाबाद शामिल हैं।
-पुलिस कार्यालय पहुंचने वाले शिकायती भी हुई कम
आंकडे बताते हैं कि जून माह में पुलिस कार्यालय पहुंचने वाले लोगों की संख्या जहां 1844 थी वहीं जुलाई माह में 1745 लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। अगस्त माह में यह आंकड़ा 1843 पर रहा और सितंबर माह में भी 1753 लोग अपनी फरियाद लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचे, लेकिन अक्तूबर माह में इस आंकडे में भरी कमी आई और पुलिस कार्यालय पहुुंचने वालों की तादात महज 1067 पर ही सिमट गई।
-वर्जन
साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट के 15 थाने प्रदेश में पहली रैकिंग पर आए हैं। सुधार के प्रयास जारी हैं।
-निमिष पाटील, डीसीपी, टीएचए



