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सरकारी टेंडर दिलवाने के नाम पर 6 करोड़ हड़पे

सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सामग्री सप्लाई करवाई गई, नहीं किया भुगतान
फर्जी ऑर्डर और एग्रीमेंट भी बनाए गए
सूर्या बुलेटिन

गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन के नाम पर 6 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी ने मामले में अपने दो परिचित और आरजीएसएम के मालिक और दो डायरेक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। आरोप है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए शैक्षणिक सामग्री सप्लाई का झांसा दिया गया और फर्जी एग्रीमेंट भी किए गए। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर इंदिरापुरम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
मुरादनगर में नैनी क्रिएशन के नाम से कारोबार करने वाले मनोज अग्रवाल के अनुसार उनका परिचय प्रवीण अग्रवाल और मयंक गुप्ता से थी। प्रवीण अग्रवाल ने उन्हें बताया कि वह सरकारी संस्थानों में स्टेशनरी सप्लाई करते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए शैक्षणिक सामग्री सप्लाई का टेंडर निकलने वाला है। मयंक गुप्ता ने बताया कि टेंडर लेने के नाम पर कुछ प्रतिशत खर्चा होगा। टेंडर दिलवाने के नाम पर उन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिए 10 लाख रुपए और टेंडर के लिए 1.15 करोड़ रुपए लिए। इसके बाद दोनों ने उन्हें कौशांबी में राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ सिंह से मुलाकात करवाई। सौरभ सिंह ने उनकी बात संस्था के प्रमुख करुणाकर उर्फ रत्नाकर उपाध्याय से करवाई। इसके बाद 50 लाख लाख रुपए सिक्योरिटी मनी और 25 लाख रुपए अन्य खर्चों के नाम पर लिए गए। टेंडर के नाम पर संस्था की ओर से एग्रीमेंट भी किया गया। एग्रीमेंट के बाद उन्होंने लगभग 3.39 लाख रुपए के स्कूली जूते, मोजे बताए गए स्थान पर सप्लाई कर दिए। इसके भुगतान के लिए समय दिया गया। प्रवीण और मयंक ने कहा कि जब तक भुगतान नहीं होता तब तक स्कूली बैग का टेंडर दिलवा देते हैं। जिसके लिए भुगतान के बाद एग्रीमेंट किया गया। उन्होंने स्कूली बैग की भी डिलीवरी कर दी। इसके बाद भुगतान के लिए वह संस्था के अधिकारियों से मिलते रहे। लेकिन, भुगतान नहीं हुआ। जानकारी करने पर पता चला कि उनके साथ सरकारी टेंडर दिलवाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। मनोज अग्रवाल की ओर से प्रवीण अग्रवाल, मयंक गुप्ता, रत्नाकर उपाध्याय, सौरभ सिंह और अनीता उपाध्याय के खिलाफ शिकायत की गई। सीपी के निर्देश पर इंदिरापुरम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरु कर दी है।

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