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वाराणसी सीरियल ब्लास्ट केस : गाजियाबाद की कोर्ट ने वलीउल्लाह को ठहराया दोषी, 6 जून को सुनाई जाएगी सजा

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सूर्या बुलेटिन :  16 साल पुराने वाराणसी सीरियल ब्लास्ट केस में गाजियाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने आरोपी वल्लीउल्लाह को दोषी ठहराया है। सिलसिलेवार हुए ब्लास्ट केस के दो मामलों में जिला जज ने आतंकी वल्लीउल्लाह को दोषी माना है, जबकि एक में बरी कर दिया है।

इस मामले के आरोपी वल्लीउल्लाह को शनिवार दोपहर को जिला अदालत में पेश किया गया। दोपहर 3.30 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने बनारस के संकट मोचन मंदिर में हुए बमकांड में वल्लीउल्लाह को दोषी ठहराया। यहां बम फटने से 7 लोगों की मौत हुई थी।

 


जिला जज ने दशाश्वमेध घाट पर कुकर बम मिलने के मामले में भी वल्लीउल्लाह को दोषी ठहराया। यहां बम फटने से पहले ही ढूंढ निकाला गया था। तीसरे मामला रेलवे कैंट पर बम विस्फोट का था। यहां नौ लोग मारे गए थे। इस मामले में साक्ष्यों के अभाव में वल्लीउल्लाह को अदालत ने बरी कर दिया है।

दोषी ठहराए गए दोनों मामलों में अदालत आगामी छह जून को सजा सुनाएगी। बता दें कि जिला एवं सत्र न्यायालय में 23 मई को वाराणसी बम कांड की सुनवाई पूरी हो गई थी। कोर्ट ने दोष सिद्धि पर फैसला सुनाने के लिए चार जून की तारीख तय की थी।

क्या है मामला

 सात मार्च, 2006 को वाराणसी में संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर बम धमाके हुए थे। इसके अलावा दशाश्वमेध घाट पर कुकर बम मिला था। बम धमाके में कई लोग मारे गए थे, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर मामला सुनवाई के लिए गाजियाबाद स्थानांतरित किया गया था। अभियोजन की तरफ से जीआरपी कैंट धमाके में 53, संकट मोचन धमाके में 52 और दशाश्वमेध घाट मामले में 42 गवाह पेश किए गए।

प्रयागराज जिले के फूलपुर गांव रहने वाला है वलीउल्लाह

सीरियल ब्लास्ट के सिलसिले में यूपी पुलिस ने 5 अप्रैल 2006 को प्रयागराज जिले के फूलपुर गांव निवासी वलीउल्लाह को गिरफ्तार किया था। पुख्ता सबूतों के साथ पुलिस ने दावा किया कि संकट मोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन वाराणसी पर धमाके की साजिश रचने में वलीउल्ला का ही हाथ था। पुलिस ने वलीउल्लाह के संबंध आतंकी संगठन से भी बताए थे।

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