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गाजियाबाद नगर निगम के नियमो में किया गया बदलाव , संपत्ति में नाम दर्ज कराना हुआ अब और महंगा जानिए ?

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सूर्या बुलेटिन गाजियाबाद. जिले में खरीदी गयी संपत्ति में अब नाम दर्ज करना महंगा हो गया है. नगर निगम द्वारा नियम बदलने से नामांतरण जेब पर भारी पड़ेगा. खरीदी गयी संपत्ति में बीच में जितनी रजिस्ट्री हुई हैं, उसके हिसाब से हर बार में एक प्रतिशत का चार्ज नगर निगम में जमा कराना होगा. इसके बाद ही दूसरे के नाम प्रॉपर्टी में खरीदार का नाम दर्ज किया जा सकेगा.




गाजियाबाद नगर निगम ने नामांतरण के नियमों में बदलाव किए हैं. पुराने नियम के अनुसार अगर किसी ने आवंटित प्रॉपर्टी का नाम बीच में तीन संपत्ति क्रेताओं के बाद में दर्ज नहीं कराया तो संपत्ति की अंतिम कीमत का एक प्रतिशत पैसा जमा कर निगम जमा कर संपत्ति में नाम दर्ज कराया जा सकता था, लेकिन अब इस नियम में बदलाव कर दिया गया है.

नए नियम के अनुसार अगर किसी ने पहले कभी संपत्ति का नामांतरण किया गया है. मगर उसके बाद से तीन बार से संपत्ति सेल हो चुकी है और चौथीबार संपत्ति क्रेता को प्रॉपर्टी अपने नाम दर्ज कराना चाहता है तो बीच में तीन बार जिस-जिस कीमत पर प्रॉपर्टी खरीदी गई है उन सब का चार बार एक एक प्रतिशत पैसा निगम लेगा.

नगर निगम डेढ़ साल बाद वसूल रहा है यूजर चार्ज

गजियाबाद नगर निगम को डेढ़ साल बाद यूजर चार्ज वसूलने की याद आ रही है. गृह स्‍वामियों को एक साथ यूजर चार्ज जोड़कर भेजा गया है, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं. वसुंधरा जोन में 1.27 लाख गृह स्वामी है. नगर निगम वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी में 24 प्रतिशत कर, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र से 14 प्रतिशत व इंदिरापुरम से 10 प्रतिशत कर वसूल करता है. वसुंधरा जोन में 250 मिट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है. नगर निगम गृह स्वामियों से कूड़ा उठवाने और शहर में निश्चित स्थान में डलवाने को लेकर यूजर चार्ज भी वसूल कर रहा है.

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