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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार तक के लिए क्यों टाली ज्ञानवापी मस्जिद पर सुनवाई? निचली अदालत को दिया ये निर्देश

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सूर्या बुलेटिन : सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की सिविल कोर्ट से फिलहाल ज्ञानवापी मामले में कोई आदेश न देने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह शुक्रवार को 3 बजे मामले पर सुनवाई करेगा. हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कोर्ट से कल सुनवाई का अनुरोध किया था. जिसके बाद जजों ने इसे स्वीकार कर लिया.

हिंदू पक्ष के वकील ने दिया ये तर्क

सुबह 11 बजे हिंदू पक्ष के वकील ने कोर्ट से सुनवाई कल तक टालने का अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि मुख्य वकील हरिशंकर जैन कल ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुए हैं. इसलिए, उनका पक्ष अभी अपना जवाब तैयार नहीं कर पाया है. इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील हुजेफा अहमदी ने जजों का ध्यान इस तरफ आकर्षित किया कि निचली अदालत में नंदी और वज़ू खाने के बीच की दीवार तोड़ने पर सुनवाई होनी है.




हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि दीवार को लेकर जिस आवेदन की बात मुस्लिम पक्ष कह रहा है, उस पर निचली अदालत में आज उनकी तरफ से ज़ोर नहीं दिया जाएगा. जजों ने दोनों वकीलों की बातों को नोट किया और वाराणसी की निचली अदालत को यह निर्देश दिया कि वह मामले में आगे कोई आदेश न दे.

क्या है पूरा मामला?

वाराणसी के अंजुमन इंतजामिया मस्जिद की मैनेजमेंट कमिटी ने निचली अदालत से जारी मस्जिद परिसर के सर्वे के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कमिटी ने कहा है कि सर्वे का आदेश 1991 के प्लेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट का उल्लंघन है, क्योंकि इस एक्ट के तहत यह तय किया गया है कि सभी धार्मिक स्थलों की स्थिति 15 अगस्त 1947 वाली बनाई रखी जाएगी. कमिटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें मस्जिद के सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने का निचली अदालत का आदेश रद्द करने से मना कर दिया गया था.

13 मई को अंजुमन इंतजामिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. लेकिन 17 मई को जब मामला सुनवाई के लिए लगा, तब तक मस्जिद परिसर के सर्वे का काम पूरा हो चुका था. सर्वे के दौरान मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग जैसी रचना भी मिली, जिसके बाद निचली अदालत ने उस जगह को सील करने और मस्जिद में नमाजियों की संख्या 20 तक सीमित रखने का आदेश दे दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया शिवलिंग के संरक्षण का आदेश

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और पी एस नरसिम्हा की बेंच ने कहा था कि अगर परिसर में शिवलिंग मिला है, तो उसे संरक्षित रखना जरूरी है. इसलिए, वाराणसी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को यह आदेश किया जा रहा है कि वह शिवलिंग को संरक्षित रखें. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि निचली अदालत ने नमाजियों की संख्या 20 तक सीमित रखने का जो आदेश दिया है, उसे बदला जा रहा है. वाराणसी के डीएम इस बात को भी सुनिश्चित करें कि नमाज के लिए आने वालों को कोई समस्या न हो.

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