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आज ज्ञानवापी सर्वे का दूसरा दिन… कई तथ्य और सच आएगा सामने

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सूर्या बुलेटिन : ज्ञानवापी परिसर में अदालत के आदेश पर शुक्रवार से पौने चार घंटे तक सर्वे और वीडियोग्राफी हुई। वहीं इसे लेकर ताजा जानकारी सामने आई कि दोपहर तीन बजे अधिवक्ता कमिश्नर अजय कुमार मिश्र के साथ वादी और प्रतिवादी पक्ष के लोग ज्ञानवापी परिसर पहुंचेंगे।

सर्वे और वीडियोग्राफी का काम आज भी होगा। जिसके मद्देनजर पुलिस सतर्क है। बता दें कि बीते शुक्रवार को दोपहर बाद काफी हंगामा हुआ था। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे और वीडियोग्राफी के पहले दिन कोर्ट कमिश्नर को प्रतिवादी पक्ष ने मस्जिद बैरिकेडिंग के आगे नहीं जाने दिया था। जब टीम अदंर दाखिल हुई थी तो सड़क पर हंगामा हुआ था।

ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी में दर्शन-पूजन करने के लिए वाद दाखिल करने वाली महिलाओं के अधिवक्ता शिवम गौड़ ने बताया कि शुक्रवार को शुरू हुआ सर्वे का काम रविवार तक पूरा होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि खसरा नंबर 9130 के सर्वे के हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं। इस आदेश में पूरे खसरे के सर्वे का आदेश है, जिसमें संपूर्ण ज्ञानवापी मस्जिद परिसर और शृंगार गौरी समाहित हैं। ऐसे में इतने बड़े क्षेत्र के सर्वे में तीन दिन का समय लग सकता है।

वहीं अदालत में मुकदमा दाखिल करने वाली महिलाओं सीता साहू, मंजू व्यास, राखी सिंह के अनुसार वर्ष 1992 तक मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति थी। महिलाओं ने पुलिस के अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। सर्वे को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के 10 थानों की फोर्स और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को अतिरिक्त सतर्कता के साथ माहौल पर नजर रखने के लिए कहा है।

वहीं प्रतिवादी पक्ष के वकील ने दलील देते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश में कहीं नहीं है कि बैरिकेडिंग के अंदर कोर्ट कमिश्नर सर्वे करेंगे। प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता अभयनाथ यादव व एखलाक अहमद ने कहा कि हम कोर्ट कमिश्नर की कार्यवाही से संतुष्ट नहीं हैं और कोर्ट में उन्हें बदलने की अर्जी देंगे।

बता दें कि शुक्रवार को ज्ञानवापी परिसर के सर्वे और वीडियोग्राफी के पहले दिन अधिवक्ता प्रतिवादी पक्ष ने बताया कि मैंने कोर्ट कमिश्नर की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए एक प्रार्थना पत्र उन्हें दिया कि आप का व्यवहार निष्पक्ष नहीं है। आप पार्टी के रूप में यहां कार्यवाही करने के लिए आ रहे हैं। आप पर मुझको कोई भरोसा नहीं है और कल मैं इसी आशय का प्रार्थना पत्र कोर्ट में भी दूंगा।

पक्ष ने बताया कि चार बजे कमीशन की कार्यवाही शुरू हुई और पश्चिमी तरफ जो चबूतरा है, उसकी वीडियोग्राफी कराई गई है। उसके बाद कोर्ट कमिश्नर ने ज्ञानवापी मस्जिद के प्रवेश द्वार को खुलवा कर अंदर जाने का प्रयास किया, जिस पर मैंने अपना विरोध दर्ज करवाया।

अधिवक्ता ने बताया कि मैंने कहा कि कोर्ट का इस तरह का कोई आदेश नहीं है की बैरिकेडिंग के अंदर जाकर आप उसकी वीडियोग्राफी कर सकें। अधिवक्ता आयुक्त ने कहा कि मुझे ताला खुलवाकर उसकी वीडियोग्राफी करने का आदेश है, जबकि ऐसा कोई आदेश कोर्ट द्वारा नहीं है।

 

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